राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन सम्पन्न

सियासत पर नजर, फतेहपुर 
राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन सम्पन्न 
(यश द्विवेदी, ब्यूरो चीफ फतेहपुर 7460863592)
जिला विधिक सेवा प्रधिकरण, फतेहपुर सचिव पूर्ण कालिक श्रीमती अनुराधा शुक्ला ने बताया कि माननीय उच्चतम न्यायालय/कार्यपालक अध्यक्ष, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सन्दर्भ में दिनांक 12.03.2022 दिन द्वितीय शनिवार को  उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार कोविड-19 के दिशा निर्देशो का पालन करते हुये राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण फतेहपुर के तत्वाधान में जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण फतेहपुर के कर कमलो द्वारा आज दिनांक 12.03.2022 को राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारम्भ माॅं सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया। जनपद न्यायाधीश  अशोक कुमार सिंह तृतीय के कुशल नेतृत्व में राष्ट्रीय लोक अदालत का संचालन किया गया एवं  सम्बोधित किया गया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में लघु वादों का अधिकाधिक संख्या में निस्तारण किया जाता है, अर्थ दण्ड आरोपित करते समय व्यक्ति की आर्थिक स्थिति को भी ध्यान में रखना होगा। राष्ट्रीय लोक अदालत में आपराधिक शमनीय वाद धारा 138 परक्रम्य लिखत अधिनियम, बैंक वसूली वाद, मोटर दुर्घटना वाद, वैवाहिक वाद, श्रम वाद, भूमि अधिग्रहण वाद, विद्युत एवं जल बिल विवाद, ई-चालान, वेतन भत्तों एवं सेवा निवृत्ति लाभो से सम्बन्धित सेवा प्रकरण राजस्व वाद, अन्य दीवानी वाद, सुलह समझौता/संस्वीकृति के आधार पर  निस्तारण किया जाता है। 

आप सभी से अपेक्षा है कि हम पूर्व की भाॅति अधिकाधिक संख्या में वादो का निस्तारण किया जाए। जिससे हमारा जनपद फतेहपुर प्रदेश स्तर पर गरिमामयी स्थिति में बना रहे। 
आज दीवानी न्यायालय फतेहपुर, बाहृय न्यायालय खागा, कलेक्ट्रेट फतेहपुर, समस्त तहसील जनपद फतेहपुर, समस्त नगर पालिका एवं समस्त नगर पंचायत जनपद फतेहपुर, श्रम कार्यालय फतेहपुर, समस्त विधुत वितरण खण्ड फतेहपुर, दूर संचार कार्यालय, समस्त बैंक आदि द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।

उपरोक्त राष्ट्रीय लोक अदालत में  अशोक कुमार सिंह-तृतीय जनपद न्यायाधीश फतेहपुर द्वारा कुल 04 वादों का निस्तारण करते हुए 204807 रू० अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया।  विजय शंकर उपाध्याय, प्रधान न्यायाधीश, पारिवारिक न्यायालय, फतेहपुर के द्वारा 18 वैवाहिक वादों का निस्तारण करते हुए रु0 3,08,000 अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया एवं सुश्री मंजुला सरकार, अपर प्रधान न्यायाधीश, पारिवारिक न्यायालय, फतेहपुर द्वारा 04 वैवाहिक वादों का निस्तारण किया गया। डा० बाल मुकुंद, पीठासीन अधिकारी, मोटर वाहन दुर्घटना न्यायाधिकरण, फतेहपुर द्वारा 98 मोटर दुर्घटना याचिकाओं का निस्तारण करते हुए 4,35,91,081 रु० का प्रतिकर दिलाया गया।  राजेन्द्र सिंह चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नं०1 द्वारा 02 वादों का निस्तारण किया गया।  पृथ्वी पाल यादव विशेष न्यायाधीश

अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम द्वारा 15 वादों का निस्तारण किया गया।  मोहम्मद अहमद खान विशेष न्यायाधीश पाक्सो अधिनियम, नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय लोक अदालत द्वारा 06 वादो का निस्तारण किया गया।  अखिलेश कुमार पाण्डेय, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नं०3 द्वारा 04 वादों का निस्तारण करते हुए 2000 रू० अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया। विनोद कुमार चौरसिया अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश विधुत अधिनियम द्वारा 208 वादों का निस्तारण करते हुए 374200/रू० अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया।  मो0 जुनैद मुजफ्फर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट 5 द्वारा 02 वादों का निस्तारण करते हुए 1000 रू० अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया।  विनय तिवारी अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट न0 02 द्वारा 06 वादों का निस्तारण करते हुए रु0 2000 अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया रविकान्त, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, पाक्सो कोर्ट नं0 2 द्वारा 02 वाद का निस्तारण करते हुए 1000 रू० अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया। श्रीमती नित्या पाण्डेय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट-प् द्वारा 03 वाद का निस्तारण करते हुए 1500 रू० अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया। श्रीमती अपर्णा त्रिपाठी अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट-02 द्वारा 02 वादों का निस्तारण करते हुए 500 रू० अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया।

श्रीमती मंजू कुमारी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, द्वारा 473 दाण्डिक वादों का निस्तारण करते हुए 1,12,598/- रू० अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया।  राजबाबू सिविल जज सीनियर डिवीजन द्वारा 28 सिविल वादों का निस्तारण करते हुए 18,011,864 रू० के उत्तराधिकार के प्रमाण पत्र जारी किये गये।  आनंद मिश्रा अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट नं० 1 द्वारा 124 दाण्डिक वादों का निस्तारण करते हुए 142670/- रू० अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया। श्रीमती रोमा गुप्ता अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट नं० 2 द्वारा 680  दाण्डिक वादों का निस्तारण करते हुए 40,065/- रू० अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया।  महेन्द्र कुमार पासवान सिविल जज (सी०डि०) फ0टी0सी0 द्वारा 251 दाण्डिक वादों का निस्तारण करते हुए रू० 12519/- अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया। श्रीमती किरन मिश्रा, सिविल जज(जू०डि) खागा, द्वारा 867 दाण्डिक वादों का निस्तारण करते हुए 39,316/- रू० अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया।  अतुल पाल ग्राम न्यायालय जू0डि0 बिन्दकी, द्वारा 1303 दाण्डिक वादों का निस्तारण करते हुए 4380/- रू0 अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया। श्रीमती अमिय भाषिनी सिविल जज(जू०डि०) द्वारा 6 वादों का निस्तारण कराया गया। 
रजत कुमार यादव न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा 576 दाण्डिक वादों का निस्तारण करते हुए 6628 रू० अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया।  रोहित शाही अपर सिविल जज(जू०डि०) कोर्ट नं०1 द्वारा 853 दाण्डिक वादों का निस्तारण करते हुए 41707 रू० अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया। श्री अरुण यादव अपर सिविल जज (जू० डि०) कोर्ट नं०2 द्वारा 373 दाण्डिक वादों का निस्तारण करते हुए 38518 रू० अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया।  आदित्य रंजन अपर सिविल जज(जू०डि०) कोर्ट नं० 4 द्वारा 208 दाण्डिक वादों का निस्तारण करते हुए 66511 रू० अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया।  अभिषेक कुमार अपर सिविल जज(जू०डि०) कोर्ट नं०5 द्वारा 26 दाण्डिक वादों का निस्तारण करते हुए 15900 रू० अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया। मनोज कुमार भास्कर अपर सिविल जज(जू०डि०) कोर्ट नं०6 द्वारा 64 दाण्डिक वादों का निस्तारण करते हुए 51500/- रू० अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया। सुश्री प्रीति यादव अपर सिविल जज(जू०डि०) कोर्ट नं०7 द्वारा 114 दाण्डिक वादों का निस्तारण करते हुए 48100/- रू० अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया। विशाल शर्मा अपर सिविल जज(जू०डि०/एफ०टी०सी०) महिला हिंसा अधिनियम द्वारा 133 दाण्डिक वादों का निस्तारण करते हुए 73750 रू० अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया।  रत्नशेखर निर्मल अपर सिविल जज(जू०डि०/एफ०टी०सी०) द्वारा 320 दाण्डिक वादों का निस्तारण करते हुए 67795 रू० अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया।  शफकत अली विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा 14 वादों का निस्तारण करते हुए 100/- रू0 अर्थदण्ड जमा कराया गया।  
समस्त तहसीलो द्वारा कुल 28057 वादों का निस्तारण करते हुए 231314/- अर्थदण्ड जमा कराया गया। नगर पालिका परिषद द्वारा 3326 प्रकरणों का निस्तारण किया गया एवं 1,94,54,454 रू० का शुल्क वसूला गया।
भारत संचार निगम द्वारा 19 प्रकरणों का निस्तारण किया गया एवं 21800/- रू० शुल्क वसूला गया। जनपद के बैंकिंग संस्थानों द्वारा 1132 रूपये मूल्य के 11,30,07,000 लाख प्रकरणों का निस्तारण किया गया। विद्युत विभाग द्वारा 2832 प्रकरणों का निस्तारण किया गया एवं 2,6,55,000/- रू0 शुक्ल वसूला गया। 
इस प्रकार उपरोक्त राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 44099 वादों का निस्तारण कर 21,49,85,219/ रू० अर्थदण्ड वसूल किया गया। 
अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण  जनपद न्यायाधीश  अशोक कुमार सिंह-तृतीय समस्त न्यायिक अधिकारियों व कर्मचारीगण, अधिवक्ताओं, जिला बार एसोसिएशन, फतेहपुर के अध्यक्ष व सचिव,समस्त पदाधिकारियों एवम मीडियाकर्मियों को लोक अदालत को सफल बनाने एवम सहयोग करने हेतु हार्दिक अभार व्यक्त किया गया तथा धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

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