सियासत पर नजर, कानपुर
सक्षम की महिला टीम ने मनाया महिला सशक्तीकरण दिवस
(संगम पाण्डेय, संवाददाता कानपुर)
अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की उपलक्ष में सक्षम द्वारा महिला सशक्तिकरण दिवस मनाया गया। ज्ञात हो कि सक्षम दिव्यांगजनों के हितार्थ क्रियार्थ 2008 से निरंतर कार्य करता चला आ रहा है।
सक्षम कानपुर प्रांत द्वारा नगर निगम विद्यालय कानपुर में महिला सशक्तिकरण का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ शालिनी मोहन एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉक्टर मंजूलिका बाजपेई मौजूद रहीं । कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा भारत माता की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया, इस महिला दिवस की आवश्यकता के विषय में डॉ शालिनी मोहन ने अपने विचार रखते हुए कहा सृष्टि की रचना महिलाओं से ही संभव है क्योंकि “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता” महाभारत की यह उक्ति हमें सदैव यह याद दिलाती रहती है कि, नारी का स्थान सर्वोपरि है। वैदिक युग में भी नारी के महत्त्व को स्वीकार किया गया है। जीवन के सभी क्षेत्रों में नारी की प्रमुखता रही है।
“नारी तू नारायणी” कहकर इसको सम्मान दिया गया हैं परन्तु आज नारी को एक अलग नज़र से देखा जा रहा है, नारी अपना हर एक रूप पूरी तरह से निभाती आ रही रही है। एक पुत्री, एक माँ एक बहन, एक पत्नी एक सखा सभी रूपों में उसने अपना कर्तव्य पूरा किया है और कर रही है और आगे भी करती रहेगी इसमें कोई संदेह नहीं हैं। उसका हर रूप पूजनीय है, अनुशंसनीय है,
अनुकरणीय है, नारी आज आधी आबादी का हिस्सा मानी जाती है परन्तु यह बड़े ही खेद का विषय है कि आज इस अति आधुनिक युग में, जिसमें मानवीय भावनाओं का स्थान धीरे- धीरे समाप्त होता जा रहा है। नारी को लेकर एक अलग अवधारणा बनने लगी है यद्यपि आज वह अपने सबसे प्रखर रूप में हमारे सामने है। नारी को अबला और कमजोर कहने वालों को भी आज कई बार सोचना पड़ता है। आज की नारी मध्यकाल की नारी नही।
अनुकरणीय है, नारी आज आधी आबादी का हिस्सा मानी जाती है परन्तु यह बड़े ही खेद का विषय है कि आज इस अति आधुनिक युग में, जिसमें मानवीय भावनाओं का स्थान धीरे- धीरे समाप्त होता जा रहा है। नारी को लेकर एक अलग अवधारणा बनने लगी है यद्यपि आज वह अपने सबसे प्रखर रूप में हमारे सामने है। नारी को अबला और कमजोर कहने वालों को भी आज कई बार सोचना पड़ता है। आज की नारी मध्यकाल की नारी नही।
कार्यक्रम में प्रधानाचार्या श्रीमती शारदा शुक्ला जी , महिला प्रमुख प्रांत उपाध्यक्ष शिवा मिश्रा जी, युवा सक्षम संयोजक ऋषभ बाजपेई सहित 18 शिक्षिका एवं 55 छात्राएं उपस्थित रही।
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