आठवें गुरु हरकिशन साहिब का प्रकाश पर्व: श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक

सियासत पर नजर, फतेहपुर 

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आठवें गुरु हरकिशन साहिब का प्रकाश पर्व: श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक 

फतेहपुर, 29 जुलाई! दिनांक 29-07-2024 सिखों के आठवें गुरु  गुरु हर किशन साहिब का 367 वा प्रकाश बड़ी श्रद्धा के साथ गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा फतेहपुर में मनाया गया।


ज्ञानी गुरुवचन सिंह ने बताया सिखों के आठवें गुरु गुरु हरकिशन साहिब का जन्म 7 जुलाई 1656 ई कीरतपुर साहिब में गुरु हर राय साहिब व माता किशन कौर के घर मे हुआ,05 वर्ष की अल्पआयु में  गुरु हर किशन साहिब जी को गुरुगद्दी प्रदान की गई। गुरु हर राय साहिब जी ने 1661 में गुरु हर किशन साहिब जी को अष्टम गुरु के रूप में स्थापित किया, बहुत ही कम समय मे गुरु हर किशन साहिब जी ने समान्य जनता के साथ अपने मित्रतापूर्ण व्यवहार से राजधानी दिल्ली में लोगो से लोकप्रियता हासिल की। 


इसी दौरान दिल्ली में हैजा और चेचक  जैसी बीमारियों का प्रकोप  महामारी लेकर आया, गुरु हरकिशन साहिब ने जात-पात  एवं ऊंच -नीच को  दरकिनार करते हुए गुरु साहिब ने सभी भारतीय जनों की सेवा का अभियान चलाया, खासकर दिल्ली में रहने वाले मुस्लिम समुदाय के लोग गुरु साहिब की इस मानवता की सेवा से बहुत प्रभावित हुए और गुरु साहिब को बाला पीर कह कर पुकारने लगे, दिन रात महामारी से ग्रस्त लोगों की सेवा करते  रहे।


श्री हरकिशन धिआईऐ, जिस डिठे सब दुख जाए


तभी से मान्यता है कि गुरु साहिब का नाम लेने से सभी बीमारियों का अंत होता है। आज का सारा कार्यक्रम गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा की अगुवाई में गुरुद्वारा  साहिब में मनाया गया, इस उपलक्ष्य में प्रधान सेवक चरनजीत सिंह, जतिंदर पाल सिंह, परमजीत सिंह, परमिंदर सिंह, वरिंदर सिंह, नरेंद्र सिंह, संतोख सिंह, गोविंद सिंह, सतपाल सिंह, सरनपाल सिंह, गुरमीत सिंह व महिलाओं में हरजीत कौर, मंजीत कौर, हरविंदर कौर, सतबीर कौर, जसवीर कौर, प्रभजीत कौर, हरमीत कौर, परमीत कौर, खुशी उपस्थित रहे।

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