फतेहपुर में जंगली जानवर का हमला: चार ग्रामीण घायल, गांव में दहशत का माहौल

सियासत पर नजर, फतेहपुर 

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फतेहपुर में जंगली जानवर का हमला: चार ग्रामीण घायल, गांव में दहशत का माहौल

फतेहपुर 13 सितम्बर, 2024

फतेहपुर जिले के किशुनपुर थाना क्षेत्र के थुरियानी मजरे रायपुर भसरौल गांव में गुरुवार की देर रात जंगली जानवर के हमले से चार ग्रामीण घायल हो गए। इस अप्रत्याशित घटना से पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जंगली जानवर के हमले में तीन महिलाएं और एक बुजुर्ग गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं। घटना रात करीब 11 बजे की है, जब ग्रामीण अपने घरों के बाहर सो रहे थे। हमले के बाद ग्रामीणों ने एक जानवर को लाठी-डंडों से मार गिराया, जबकि अन्य जानवर जंगल की ओर भाग निकले।  


घटना का विवरण:

गुरुवार की रात गर्मी के कारण थुरियानी गांव के ज्यादातर लोग घरों के बाहर सो रहे थे। इसी दौरान, जंगल से निकले जंगली जानवर अचानक गांव में घुस आए और सोते हुए ग्रामीणों पर हमला कर दिया। इस हमले में बाबूचंद्र, मूतनिया, सेमिया देवी और बोगिया देवी नामक ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए। चीख-पुकार मचने पर गांव के लोग जाग गए और लाठी-डंडों के साथ बाहर निकल आए। टार्च की रोशनी में एक जंगली जानवर को पकड़ा गया और उसे मार दिया गया, लेकिन दो अन्य जानवर अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर भाग निकले।

ग्रामीणों ने बताया कि इन जानवरों की बनावट और ऊंचाई देखकर यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि वे सियार थे या कोई और जंगली जानवर। हालांकि, गांव के कई लोगों का मानना है कि यह पागल सियार हो सकते हैं। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और जांच शुरू कर दी।

वन विभाग की प्रतिक्रिया:

घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए खखरेड़ू रेंज के वन क्षेत्राधिकारी विवेक शुक्ला ने कहा, "हमले में घायल तीन महिलाओं और एक बुजुर्ग की स्थिति गंभीर है। जंगली जानवर के सियार होने की संभावना अधिक है, क्योंकि जंगल से सियार अक्सर आबादी की ओर आते रहते हैं। वन विभाग की टीम को जांच के लिए गांव भेजा गया है, और हम इस घटना के पीछे के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।"


इलाज और उपचार:

घायलों को तुरंत विजयीपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें एंटी रैबीज वैक्सीन दी और प्राथमिक इलाज के बाद सभी को बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। चिकित्सकों ने बताया कि सभी घायल खतरे से बाहर हैं, लेकिन उन्हें उचित देखभाल और निगरानी की आवश्यकता है।  

ग्रामीणों में भय का माहौल:

इस घटना के बाद से गांव में डर का माहौल है। ग्रामीणों ने बताया कि इस तरह की घटना पहली बार नहीं है, इससे पहले भी कई बार जंगली जानवर गांव में घुस आए हैं, लेकिन इस बार स्थिति गंभीर हो गई क्योंकि जानवरों ने हमला कर दिया। गांव के लोग अब रात में बाहर सोने से डर रहे हैं और वन विभाग से सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। 

यह घटना इस बात की ओर इशारा करती है कि जंगलों से आबादी की ओर जंगली जानवरों का आना एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि जंगलों में भोजन और पानी की कमी के कारण जंगली जानवर आबादी की ओर रुख कर रहे हैं। वन विभाग को इस पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है और इन घटनाओं को रोकने के लिए उचित कदम उठाने की आवश्यकता है।

(ब्यूरो चीफ फतेहपुर, 9936330179)

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