गालीबाज डॉक्टर का विवाद: सख्त कार्रवाई के निर्देश

सियासत पर नजर, फतेहपुर 

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गालीबाज डॉक्टर का विवाद: सख्त कार्रवाई के निर्देश

फतेहपुर 25 नवम्बर, 2024

फतेहपुर: जिले के महिला चिकित्सालय के स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. पीके गुप्ता के खिलाफ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। हाल ही में एक गालीबाज आडियो वायरल होने के बाद अब मामले ने तूल पकड़ लिया है। 

डॉ. गुप्ता का आडियो क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया, जिसमें वह शासन, प्रशासन और अन्य सरकारी अधिकारियों को गालियां देते हुए नजर आए थे। इस पर सख्त प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने मामले का संज्ञान लिया है और चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव को कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।


डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सोमवार की शाम को एक्स (Twitter) पर पोस्ट करते हुए लिखा कि, "सोशल मीडिया पर वायरल समाचार में स्त्री रोग विशेषज्ञ द्वारा सरकार, शासन और प्रशासन के खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया गया है। इस गंभीर आचरण पर कठोर कार्रवाई की जाएगी और उक्त चिकित्सक के खिलाफ आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।"

इसके अलावा, डॉ. गुप्ता का एक अन्य वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें वह मरीज के तीमारदार से पैसे लेने की बातचीत करते हुए दिखाई दे रहे थे। इन घटनाओं के बाद डॉक्टर के खिलाफ स्थानीय बीजेपी नेता की पत्नी से जुड़ा एक गंभीर आरोप भी सामने आया था, जिसमें डॉ. गुप्ता पर उनके निजी अंगों के बारे में अमर्यादित टिप्पणी करने का आरोप था। इस मामले में पुलिस ने डॉ. गुप्ता के खिलाफ मलवां थाने में मुकदमा दर्ज किया था, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, अगले दिन ही जमानत मिल गई थी और वह जेल से बाहर आ गए थे।

इस पूरे मामले की जांच जिलाधिकारी द्वारा कराई गई थी और अब स्वास्थ्य मंत्री की सख्ती के बाद डॉ. गुप्ता की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। अगर डॉ. गुप्ता पर आरोप साबित होते हैं तो उन्हें आईपीसी की धारा 351 के तहत आपराधिक धमकी देने का दोषी पाया जा सकता है, जिसके तहत एक साल की सजा और 15 हजार रुपये का जुर्माना भी हो सकता है।

कुल मिलाकर, डॉ. पीके गुप्ता पिछले दस दिनों से विवादों में घिरे हुए हैं। अस्पताल में एकमात्र सर्जन होने का हवाला देते हुए उन्होंने अधिक कार्यभार का आरोप लगाते हुए खुद को बीमार घोषित कर लिया था। लेकिन अगले ही दिन उनका फोटो प्रैक्टिस करते हुए वायरल हो गया, जिसने उनकी स्थिति को और भी संदेहास्पद बना दिया।

अब जब यह मामला स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की निगरानी में है, तो उम्मीद जताई जा रही है कि डॉ. गुप्ता के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसे अमर्यादित आचरण पर रोक लगाई जा सके।

(ब्यूरो चीफ फतेहपुर, 9936330179)

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