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कोरारी का प्राचीन देवराहा मंदिर: गुप्तकाल की ईंटों में रची आस्था और स्थापत्य कला
फतेहपुर : कोरारी का प्राचीन देवराहा मंदिर – 5वीं शताब्दी की ईंटों में सजी आस्था और कला की कहानी
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित कोरारी गाँव में एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक धरोहर स्थित है—देवराहा मंदिर। यह मंदिर ना केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि भारतीय प्राचीन स्थापत्य कला का जीवंत उदाहरण भी है।
🕉️ इतिहास की गहराइयों से जुड़ा मंदिर:
इतिहासकारों और पुरातत्वविदों के अनुसार, इस मंदिर का निर्माण गुप्त वंश के सम्राट स्कंदगुप्त (5वीं शताब्दी) के शासनकाल में हुआ था। मंदिर परिसर के आसपास की खुदाई में उसी कालखंड की ईंटों और मंदिरों के अवशेषों की उपस्थिति इस तथ्य की पुष्टि करती है।
🧱 इष्टिका शैली की वास्तुकला:
यह मंदिर ईंटों की प्राचीन शिल्पकला, जिसे "इष्टिका शैली" कहा जाता है, का उत्कृष्ट उदाहरण है। इसमें विशिष्ट रूप से निर्मित मंडप, अर्धमंडप, अंतराल (अंत:पुर) और गर्भगृह विद्यमान हैं। गर्भगृह के ऊपर स्थित समलम्बाकार शिखर उस समय की उन्नत वास्तुकला को दर्शाता है।
🛕 शिल्प और मूर्तिकला की भव्यता:
मंदिर की दीवारों और गर्भगृह में उकेरी गई मूर्तियाँ अत्यंत आकर्षक हैं। यहां स्थापित हैं:
वामन अवतार की विष्णु प्रतिमा
चार भुजाओं वाली दुर्गा देवी
चार भुजाओं वाले गणेश जी
मंदिर के पीछे उकेरी गई वराह अवतार की नक्काशी
🌾 लोक आस्था और चमत्कार की मान्यताएं:
स्थानीय लोग मानते हैं कि यह मंदिर चमत्कारी है। यदि किसी किसान की फसल में कीड़े लग जाते हैं या वह खराब हो जाती है, तो वह इस मंदिर की एक ईंट खेत में रख देता है। मान्यता है कि इससे फसल ठीक हो जाती है। इसके बाद वह किसान उस ईंट के भार के बराबर अपनी फसल मंदिर में अर्पित करता है।
🏛️ संस्कृति, आस्था और इतिहास का संगम:
देवराहा मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि एक जीवंत सांस्कृतिक संग्रहालय है। यहाँ सिंधु घाटी जैसी नगर योजना, गुप्तकालीन धार्मिक स्थापत्य, और स्थानीय लोकविश्वास—सभी समाहित हैं।
🧭 आज की दृष्टि से महत्व :
जब आधुनिक भारत नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है, ऐसे में कोरारी का यह प्राचीन मंदिर उस अतीत की स्मृति है, जो आज भी हमें हमारी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ता है। यह केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि ईंटों में रचा गया संवाद है—जहाँ धर्म, देवता, किसान और इतिहास एक साथ जीते हैं।
संकलन: यश द्विवेदी
(न्यूज़ डेस्क फतेहपुर, 9936330179





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