सियासत पर नजर, लखनऊ
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यातायात पुलिस को सख्त निर्देश: बाहर से आए वाहनों से शालीन व्यवहार अनिवार्य
लखनऊ: उत्तर प्रदेश परिवहन निदेशालय द्वारा प्रदेश के सभी पुलिस आयुक्तों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों एवं पुलिस अधीक्षकों को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। यह निर्देश अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) के माध्यम से गृह विभाग, उत्तर प्रदेश शासन से प्राप्त संज्ञान के बाद जारी किए गए।
मुख्य बिंदु :
1. यातायात पुलिस की शिकायतें:
विधानसभा की प्राकलन समिति की बैठक (19 मई 2025) में यह बात सामने आई कि चौराहों पर ड्यूटी कर रहे 4–5 यातायात पुलिसकर्मी एक साथ वाहनों पर टूट पड़ते हैं।
दूसरे जनपद या प्रदेश से आए वाहनों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया जाता।
बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों एवं चिकित्सकों तक के साथ दुर्व्यवहार की शिकायतें आई हैं।
चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की अनदेखी कर सीधे दंडात्मक कार्यवाही की जाती है।
2. जनता में नकारात्मक छवि:
ऐसे कृत्यों से आम जनता में पुलिस की छवि धूमिल हो रही है और विश्वास कम हो रहा है।
3. नए निर्देश:
यातायात पुलिस को स्पष्ट रूप से ब्रीफ किया जाए कि वे नियम उल्लंघन पर ही मोटर अधिनियम के अंतर्गत कार्यवाही करें।
आम जनता, विशेषकर बाहर से आए वाहनों के चालकों से शालीन व्यवहार किया जाए।
दुर्व्यवहार की स्थिति में संबंधित पुलिस कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही होगी।
प्रभाव और विश्लेषण:
यह आदेश स्पष्ट संकेत है कि राज्य सरकार और पुलिस विभाग अब जनता–पुलिस संबंध सुधारने पर गंभीर है।
यातायात पुलिस पर पारदर्शिता और जवाबदेही की नई जिम्मेदारी डाली गई है।
यदि इन निर्देशों का सही पालन होता है तो न केवल यातायात व्यवस्था बेहतर होगी बल्कि पुलिस की छवि भी सुधरेगी।
आम जनता और बाहर से आने वाले यात्रियों को भी न्यायपूर्ण और सम्मानजनक व्यवहार का अनुभव होगा।
👉 यह कदम उत्तर प्रदेश में पुलिसिंग की कार्यप्रणाली को जनहितकारी और संवेदनशील बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
(न्यूज़ डेस्क लखनऊ, 7007133475)

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