सियासत पर नजर, नई दिल्ली/फतेहपुर
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टीबी मुक्त भारत की दिशा में बड़ा कदम: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने सांसदों को दी जिम्मेदारी
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने आज विस्तारित संसद भवन एनेक्सी (ईपीएचए) सभागार में ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ को लेकर सांसदों को संबोधित किया।
इस बैठक में उत्तर प्रदेश के विभिन्न दलों के सांसद शामिल हुए, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में अभियान को जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री ने बी. एल. वर्मा, वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान, वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद और विदेश, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह मौजूद रहे।
📍 टीबी नियंत्रण में ऐतिहासिक प्रगति:
अपने संबोधन में केन्द्रीय मंत्री ने बताया कि भारत में टीबी के नए मामलों में 21% की कमी आई है, जो 2015 में प्रति लाख आबादी पर 237 से घटकर 2024 में प्रति लाख 187 रह गए हैं।
उन्होंने कहा कि: “यह कमी वैश्विक औसत की तुलना में लगभग दोगुनी है, जो भारत की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।”
इसी प्रकार मृत्यु दर भी 28 प्रति लाख से घटकर 21 प्रति लाख तक आ गई है।
👥 सांसदों को मिली विशेष भूमिका:
केंद्रीय मंत्री ने सांसदों से आग्रह किया कि:
अपने निर्वाचन क्षेत्रों में अभियान की प्रगति की निगरानी करें
समुदाय में जागरूकता बढ़ाएं
इस बीमारी से जुड़े भ्रम और सामाजिक कलंक को खत्म करें
टीबी स्क्रीनिंग और इलाज तक लोगों की पहुँच सुनिश्चित करें
🔍 नवाचार और तकनीक का उपयोग:
सरकार ने पिछले वर्षों में कई नई तकनीकों और सुविधाओं को लागू किया है, जैसे:
एआई आधारित हैंड-हेल्ड चेस्ट एक्स-रे मशीनें
ट्रूनेट डायग्नोस्टिक तकनीक
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से विकेंद्रीकृत टीबी सेवाएँ
सामुदायिक भागीदारी आधारित मॉडल
🏛️ सचिव स्तर की प्रस्तुति:
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव श्रीमती पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को भारत के स्वास्थ्य मिशन की प्राथमिकता बताया।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की अपर सचिव एवं मिशन निदेशक ने अभियान की प्रगति रिपोर्ट और भविष्य की रणनीति प्रस्तुत की।
कार्यक्रम का उद्देश्य सांसदों को न केवल अभियान से जोड़ना था, बल्कि उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में टीबी उन्मूलन के अभियान के नेतृत्वकर्ता के रूप में आगे लाना था।
भारत सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में भारत पूरी तरह टीबी मुक्त देश बने।
(न्यूज़ डेस्क नई दिल्ली/फतेहपुर, 9936330179)



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