नारी शक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आह्वान

सियासत पर नजर, फतेहपुर 

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नारी शक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आह्वान

नई दिल्ली प्रधानमंत्री ने देश की नारी शक्ति को सशक्त बनाने के लिए एक ऐतिहासिक पहल का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी के भारत में लोकतंत्र को और अधिक मजबूत एवं समावेशी बनाने के लिए महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है।

प्रधानमंत्री ने अपने विचारों में कहा कि संसद का आगामी विशेष सत्र एक महत्वपूर्ण अवसर होगा, जहां महिला आरक्षण से जुड़े विधेयक पर चर्चा कर उसे पारित कराने की दिशा में कदम बढ़ाया जाएगा। यह केवल एक विधायी प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की करोड़ों महिलाओं की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व है।


उन्होंने बताया कि भारत में महिलाएं हर क्षेत्र—विज्ञान, तकनीक, खेल, कला और सशस्त्र बलों—में अपनी मजबूत पहचान बना रही हैं। इसके बावजूद राजनीति और विधायी संस्थाओं में उनका प्रतिनिधित्व अपेक्षाकृत कम है, जिसे अब दूर करना आवश्यक है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में महिला सशक्तिकरण के लिए कई प्रयास किए गए हैं, जिनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, वित्तीय समावेशन और बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच को बेहतर बनाया गया है। इन प्रयासों से महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।

उन्होंने विशेष रूप से सितंबर 2023 में पारित "नारी शक्ति वंदन अधिनियम" का उल्लेख करते हुए इसे अपने जीवन के महत्वपूर्ण क्षणों में से एक बताया। उन्होंने जोर दिया कि आने वाले 2029 के लोकसभा चुनाव और राज्यों के विधानसभा चुनाव महिला आरक्षण के प्रावधानों के साथ कराए जाने चाहिए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह कदम संविधान की मूल भावना—समानता और न्याय—को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे इस ऐतिहासिक निर्णय का समर्थन करें और इसे राष्ट्रीय हित के रूप में देखें।

अपने संदेश में उन्होंने विभिन्न राज्यों में मनाए जाने वाले त्योहारों—बिहू, बैसाखी, विषु, पुथांडु, पोइला बैशाख आदि—का उल्लेख करते हुए देशवासियों को शुभकामनाएं भी दीं। साथ ही की 200वीं जयंती और की जयंती का जिक्र करते हुए सामाजिक न्याय और समानता के मूल्यों को याद किया।

प्रधानमंत्री ने अंत में कहा कि यह समय सामूहिक संकल्प का है और हमें मिलकर नारी शक्ति को सशक्त करने के इस ऐतिहासिक अवसर को सफल बनाना चाहिए। उन्होंने सभी सांसदों से आग्रह किया कि वे इस महत्वपूर्ण कदम का समर्थन कर भारत के लोकतंत्र को और अधिक मजबूत एवं प्रतिनिधिक बनाएं।

(न्यूज़ डेस्क फतेहपुर/ नई दिल्ली)

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