सियासत पर नजर, फतेहपुर
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₹8,000 की रिश्वत में फंसे एआरएम अरविन्द मिश्र! कंडक्टर का 'मिस-कंडक्ट' सुधारने चले, खुद हो गए बेनकाब
प्रयागराज: कंडक्टर का 'मिस-कंडक्ट' सुधारने चले एआरएम, खुद रिश्वत लेते हुए पकड़े गए
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में परिवहन विभाग के एक अधिकारी पर भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप सामने आया है। जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (एआरएम) अरविन्द कुमार मिश्र को कथित तौर पर एक बस कंडक्टर से 8,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।
बताया जा रहा है कि संबंधित कंडक्टर के विरुद्ध विभागीय स्तर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही थी। आरोप है कि एआरएम ने कंडक्टर के कथित "मिस-कंडक्ट" को हल्का करने अथवा उसके पक्ष में रिपोर्ट तैयार करने के एवज में रिश्वत की मांग की थी। इसी क्रम में रिश्वत की राशि लेते समय उन्हें पकड़ लिया गया।
"मिस-कंडक्ट को गुड-कंडक्ट बनाने का ठेका लिया था, लेकिन खुद का कंडक्ट ही जांच के घेरे में आ गया!"
मामले की सबसे दिलचस्प बात यह रही कि जिस कंडक्टर के आचरण को सुधारने के लिए कथित रूप से रिश्वत ली जा रही थी, उसी ने पूरी शिकायत कर जाल बिछाने में भूमिका निभाई। परिणामस्वरूप अधिकारी खुद भ्रष्टाचार के आरोप में फंस गए।
घटना के बाद परिवहन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्रवाई को लेकर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग व्यंग्यात्मक अंदाज में कह रहे हैं कि कंडक्टर का "मिस-कंडक्ट" तो बाद में देखा जाता, पहले अधिकारी का "कंडक्ट" ही सवालों के घेरे में आ गया।
फिलहाल संबंधित एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एक बार फिर सरकारी विभागों में पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
(न्यूज़ डेस्क फतेहपुर/प्रयागराज, 9936330179)

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