फतेहपुर में केला और हरी मिर्च बने कृषि निर्यात की नई पहचान, जीआई टैग की दौड़ में मशहूर फतेहपुरी पेड़ा

सियासत पर नजर, फतेहपुर 

                                          (हर खबर पर हमारी पकड़)

फतेहपुर में केला और हरी मिर्च बने कृषि निर्यात की नई पहचान, जीआई टैग की दौड़ में मशहूर फतेहपुरी पेड़ा

फतेहपुर, 05 अगस्त 2026। 

जनपद में कृषि उत्पादों के निर्यात और स्थानीय विशिष्ट उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए जिलाधिकारी श्रीमती निधि गुप्ता वत्स की अध्यक्षता में जिला क्लस्टर सुविधा इकाई एवं भौगोलिक उपदर्शन समिति की बैठक महात्मा गांधी सभागार, कलेक्ट्रेट में आयोजित की गई।


बैठक में सदस्य सचिव विनोद कुमार ने विभागीय संरचना, कार्य एवं दायित्व, कृषि निर्यात नीति तथा भौगोलिक उपदर्शन (जीआई) से संबंधित विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य स्तरीय कृषि निर्यात समिति द्वारा भिटौरा विकास खंड के केला तथा अमौली विकास खंड की हरी मिर्च को कृषि निर्यात क्लस्टर के रूप में स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। अब इन उत्पादों के निर्यात के लिए जनपद एवं प्रदेश के निर्यातकों के साथ एमओयू कराकर निर्यात प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि एमओयू से जुड़ी सभी औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कर निर्यात कार्य प्रारंभ कराया जाए, ताकि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त हो सके और जनपद की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि फतेहपुर का प्रसिद्ध पेड़ा जीआई (भौगोलिक संकेतक) पंजीकरण की अंतिम प्रक्रिया में है और शीघ्र ही इसे जीआई टैग मिलने की संभावना है। इसके अतिरिक्त रामराज चावल एवं जहानाबाद की सूतफेनी के जीआई पंजीकरण की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है और इनके पंजीकरण के लिए आवश्यक कार्यवाही जारी है।

इस दौरान एगमार्क गुणवत्ता प्रमाणीकरण के अंतर्गत सीकेएस मसाले के पंजीकरण का प्रमाणपत्र भी जिलाधिकारी द्वारा वितरित किया गया। उन्होंने कहा कि इस पहल से उपभोक्ताओं को शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण मसाले उपलब्ध होंगे तथा स्थानीय उत्पादों की विश्वसनीयता और बाजार में मांग बढ़ेगी।


बैठक में कृषि विपणन निरीक्षक बिंदकी, फतेहपुर एवं खागा, मंडी सचिव, उप कृषि निदेशक, उपायुक्त उद्योग एवं उद्यम, जिला कृषि अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, एलडीएम, डीडीएम नाबार्ड, प्रगतिशील किसान, प्रसंस्करणकर्ता एवं अन्य संबंधित हितधारक उपस्थित रहे।

बैठक में कृषि निर्यात, जीआई टैग तथा गुणवत्ता प्रमाणीकरण के माध्यम से फतेहपुर के स्थानीय उत्पादों को नई पहचान दिलाने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।

(न्यूज़ डेस्क फतेहपुर, 9936330179)

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ