फतेहपुर का मौसम दिनांक 06 जनवरी से 10 जनवरी 2024

सियासत पर नजर, फतेहपुर 
मौसम पूर्वानुमान ( वैधता: दिनांक 06 जनवरी, 2024 से 10 जनवरी, 2024 तक)
वसीम खान, विषय वस्तु विशेषज्ञ, कृषि मौसम विज्ञान,
कृषि विज्ञान केंद्र, फतेहपुर
(ब्यूरो चीफ फतेहपुर, 9936330179)
(हर खबर पर हमारी पकड़)
भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार आगामी 5 दिनों में फतेहपुर जिले में दिनांक 06 से 10 जनवरी के बीच में हल्के से मध्यम बादल छाए रहने की संभावना रहेगी। जिसके कारण दिनांक 6 और 10 जनवरी को हल्की बारिश की संभावना रहेगी। अधिकतम तापमान 17.0 से 21.0 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहेगा जबकि न्यूनतम तापमान 10.0 से 12.0 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहेगा। हवा की दिशा अधिकतर उत्तर-पूर्वी होगी और हवा की गति सामान्य बने रहने की संभावना हैं।

किसानों को यह सलाह दी जाती है कि रबी फसलो में आवश्यकतानुसार हल्की सिंचाई करें। दवाईयों के छिड़काव का कार्य स्थगित रखें। कीटनाशकों, शाकनाशियों और खरपतवारनाशकों के लिए, उपकरणों को धोने के लिए केवल साफ पानी का उपयोग करें और हवा की विपरीत दिशा में खड़े होकर कीटनाशकों, कीटनाशकों और खरपतवारनाशकों का छिड़काव न करें। छिड़काव शाम को करना चाहिए; यदि संभव हो तो छिड़काव के बाद, खाने से पहले और कपड़े धोने के बाद हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोना चाहिए।पशुपालन:
मौसम में बदलाव की संभावना को देखते हुए किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अपने पशुओं को रात के समय खुले में न बांधें तथा रात के समय खिड़कियों व दरवाजों पर जूट की बोरियों के पर्दे लगाएं तथा दिन में धूप में रहने पर पर्दे हटा दें। खुरपका और मुंहपका रोग से बचाव के लिए पशुओं का टीकाकरण कराएं। गर्भवती भैंस/गाय को ढलान वाले स्थान पर न बांधें। गर्भवती भैंस/गाय को पौष्टिक चारा व अनाज खिलाएं तथा नवजात शिशु को तीन दिन तक मिश्री अवश्य खिलाएं। पशुओं को हरे व सूखे चारे के साथ पर्याप्त मात्रा में अनाज दें। पशुओं को दिन में 3-4 बार साफ एवं ताजा पानी अवश्य पिलाना चाहिए। लम्पी वायरस से बचाव के उपाय:- लम्पी रोग से प्रभावित पशुओं को अलग रखें। मक्खी, मच्छर, जूं आदि को मारें। पशु की मृत्यु के बाद शव को खुला न छोड़ें। इस रोग से प्रभावित पशुओं में बकरी चेचक के टीके का प्रयोग डॉक्टर के निर्देश पर किया जा सकता है। प्रभावित पशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए मल्टी विटामिन जैसी दवाएं दी जा सकती हैं। इसके साथ ही संक्रमण से बचाव के लिए टीकाकरण अवश्य कराना चाहिए।

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