संभल में अधिकारियों की मीडिया ब्रीफिंग पर रोक, डीएम का सख्त आदेश

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संभल में अधिकारियों की मीडिया ब्रीफिंग पर रोक, डीएम का सख्त आदेश

संभल, 08 मार्च, 2025

उत्तर प्रदेश के संभल में अधिकारियों की मीडिया से बातचीत पर रोक लगा दी गई है। जिलाधिकारी डॉक्टर राजेंद्र पेंसिया ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अब कोई भी अधिकारी बिना अनुमति के मीडिया में बयान नहीं देगा। डीएम और एसपी की अनुमति के बाद ही कोई अधिकारी प्रेस को जानकारी दे सकेगा।


सीओ अनुज चौधरी के बयान पर विवाद:

यह फैसला सीओ अनुज चौधरी के बयान के बाद आया है, जो हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। उन्होंने होली और जुमे के एक ही दिन पड़ने को लेकर बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि "जुमा साल में 52 बार आता है, जबकि होली साल में एक बार। यदि मुस्लिम समुदाय को लगता है कि होली के रंग से उनका धर्म भ्रष्ट हो जाएगा, तो उस दिन वे घर से न निकलें।"

इस बयान के बाद विपक्ष ने यूपी सरकार और प्रशासन को निशाने पर ले लिया। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और सोशल मीडिया पर सीओ को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि "यदि अधिकारी ही नकारात्मक बयान देंगे, तो सौहार्द्र कैसे बना रहेगा?"

डीएम का सख्त रुख:

इस पूरे विवाद के बाद डीएम राजेंद्र पेंसिया ने तुरंत आदेश जारी करते हुए अधिकारियों की मीडिया ब्रीफिंग पर रोक लगा दी। अब जिले में कोई भी छोटा या बड़ा अधिकारी बिना अनुमति के मीडिया से बात नहीं कर पाएगा।

विपक्ष का हमला और प्रशासन का बचाव:

यह मामला राजनीतिक रूप से तूल पकड़ चुका है। विपक्ष ने योगी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रशासन के अधिकारी भेदभावपूर्ण बयान दे रहे हैं। वहीं, प्रशासन ने साफ कर दिया है कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।

संभल में यह नया आदेश लागू होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों पर मीडिया से बातचीत को लेकर कड़ा नियंत्रण रहेगा। इस फैसले से सरकारी संचार प्रणाली पर भी असर पड़ सकता है, क्योंकि अधिकारी अब सीधे बयान नहीं दे सकेंगे।

(ब्यूरो चीफ, संभल)


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