चकबन्दी विभाग की मिलीभगत से तालाब की भूमि पर अवैध कब्जा: ग्रामीणों की जिलाधिकारी से शिकायत

सियासत पर नजर, फतेहपुर 

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चकबन्दी विभाग की मिलीभगत से तालाब की भूमि पर अवैध कब्जा: ग्रामीणों की जिलाधिकारी से शिकायत

फतेहपुर, खागा।

तहसील खागा के ग्राम मोहम्मदपुर गौती में तालाब की जमीन पर चकबन्दी विभाग के कुछ कर्मियों और भूमाफियाओं की मिलीभगत से अवैध कब्जा और फर्जी दस्तावेजों के जरिए भूमि बिक्री का बड़ा घोटाला सामने आया है।


ग्रामीणों ने जिलाधिकारी एवं उप संचालक चकबन्दी को शिकायत पत्र सौंपते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच, अवैध निर्माण गिराने और दोषी अधिकारियों व माफियाओं पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पूर्व ग्राम सदस्य सगीर अहमद और पूर्व ग्राम प्रधान आसमा सिद्दीकी सहित दर्जनों ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने वर्ष 2019 में ही गांव के तालाबों की सूची बनाकर अधिकारियों को सौंप दी थी, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई। इसके विपरीत अधिकारियों की चुप्पी और मिलीभगत के चलते तालाब की जमीन को कब्जा कर बेचा गया।

📍 मुख्य भूमि विवाद:

गाटा संख्या 4864, 4472 व 6916 तालाब के लिए दर्ज थीं, लेकिन इनमें अवैध कब्जा कर मकान बना लिए गए।

गाटा संख्या 4472 (रकबा 3 बीघा 12 बिस्वा) को फर्जी खतौनी के आधार पर निजी खातों में दर्ज कर करोड़ों रुपये में बेच दिया गया।

बिक्री के दस्तावेज 27 जनवरी 2022 से 5 अगस्त 2022 के बीच बनाए गए। दर्जनों फर्जी बैनामे दर्ज हुए।


⚖️ कानूनी स्थिति:

मामले की शिकायत के बावजूद अवैध निर्माण नहीं रोका गया।

कब्जाधारियों ने चकबन्दी न्यायालय खागा से नामांतरण आदेश भी ले लिया।

मामला अब मुकदमा संख्या-323 के रूप में दर्ज है, जिसकी अगली सुनवाई 4 जुलाई 2025 को होनी है।


⚠️ ग्रामीणों की प्रमुख मांगें:

1. तालाब की भूमि की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।

2. फर्जी नामांतरण और बैनामों को निरस्त किया जाए।

3. अवैध निर्माण को गिराया जाए।

4. दोषी चकबन्दी कर्मियों व भूमाफियाओं पर मुकदमा दर्ज हो।

✊ ग्रामीणों की चेतावनी:

यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण जिलाधिकारी कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

(न्यूज़ डेस्क फतेहपुर, 9936330179)



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